तमिलनाडु के मंत्री और डीएमके नेता उधयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री एम.के. विजय से अपील की है कि राज्य की 152 सुपर-स्पेशलिटी मेडिकल सीट्स को राष्ट्रीय कोटा में सौंपने से रोका जाए। स्टालिन ने आरोप लगाया कि यह समस्या मौजूदा टीवीके सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में सही तरीके से दलीलें पेश न करने के कारण उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि इन सीट्स को राज्य के नियंत्रण में रखा जाना चाहिए ताकि तमिलनाडु के छात्रों और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिकतम लाभ मिल सके।
स्टालिन ने चेतावनी दी कि अगर ये सीट्स राष्ट्रीय कोटा में चली जाती हैं, तो इसका राज्य की मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की और कहा कि सरकार को कानूनी मंचों पर मजबूत दलीलें पेश करनी चाहिए ताकि तमिलनाडु की हिस्सेदारी सुरक्षित रहे।
इस मुद्दे पर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। यह मामला राज्य की शिक्षा और स्वास्थ्य संसाधनों की सुरक्षा को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। स्टालिन ने जोर देकर कहा कि तमिलनाडु के हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
इस मामले में आगे की कार्रवाई और राज्य सरकार की स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। राज्य के हितों को सुरक्षित रखने के लिए यह मुद्दा महत्वपूर्ण बन गया है। Read full story for details.