भोपाल के ट्विशा शर्मा डेथ केस में पति समर्थ और सास गिरिबाला सिंह को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
CBI ने रिमांड नहीं मांगी।
सबूतों की जांच में लापरवाही और मारपीट के आरोपों पर बहस जारी।
भोपाल के ट्विशा शर्मा डेथ केस में पति समर्थ और सास गिरिबाला सिंह को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
CBI ने रिमांड नहीं मांगी।
सबूतों की जांच में लापरवाही और मारपीट के आरोपों पर बहस जारी।

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भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में पति समर्थ और सास गिरिबाला सिंह को आज (2 जून) सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। सीबीआई ने दोनों की रिमांड बढ़ाने की मांग नहीं की, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में दोनों पक्षों के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई।
गिरिबाला सिंह ने ट्विशा के वकील अनुराग श्रीवास्तव पर जबलपुर कोर्ट में उनके बेटे समर्थ के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया। इस पर अनुराग श्रीवास्तव ने जवाब देते हुए कहा कि कोर्ट में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और फुटेज से सच्चाई सामने आ सकती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि समर्थ कोर्ट में कहां छिपे थे।
मामले की जांच के दौरान समर्थ और उनकी मां गिरिबाला ने अपने ऊपर लगे मारपीट और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों को खारिज किया है। दोनों का कहना है कि ट्विशा के साथ उनके संबंध सामान्य थे। सीबीआई उनके बयानों को उपलब्ध सबूतों से मिलान कर रही है।
जांच में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिस लिगेचर बेल्ट से ट्विशा फंदे पर लटकी मिली थीं, उसे घटना के बाद तुरंत फोरेंसिक जांच के लिए नहीं भेजा गया। सब-इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा ने इसे दो दिन तक अपनी कार में रखा। अब सीबीआई ने उन्हें पूछताछ के लिए तलब करने की तैयारी की है।
ट्विशा के परिवार ने शुरुआत से ही मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई थी। उनका कहना है कि अगर यह आत्महत्या थी, तो सबूतों को सुरक्षित क्यों नहीं रखा गया।
इसके अलावा, जांच एजेंसियां ट्विशा की नौकरी और आर्थिक स्थिति से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें पिछले छह-सात महीनों से वेतन नहीं मिला था, जिससे उनके मानसिक तनाव की संभावना पर भी सवाल उठ रहे हैं।