तमिलनाडु में TVK और DMK पार्टियों ने राज्यपाल पर थिरुवल्लुवर की भगवा पोशाक वाली तस्वीर को लेकर निशाना साधा है।
पार्टियों ने इसे सांस्कृतिक प्रतीक के राजनीतिकरण की कोशिश बताया है।
तमिलनाडु में TVK और DMK पार्टियों ने राज्यपाल पर थिरुवल्लुवर की भगवा पोशाक वाली तस्वीर को लेकर निशाना साधा है।
पार्टियों ने इसे सांस्कृतिक प्रतीक के राजनीतिकरण की कोशिश बताया है।

AI-generated illustration · NewsDarpan (GPT-Image-2)
तमिलनाडु में एक बार फिर राजनीतिक विवाद ने जोर पकड़ लिया है। तमिझगा वाझवुरिमाई काची (TVK) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने राज्यपाल की उस तस्वीर पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें तमिल कवि-संत थिरुवल्लुवर को भगवा पोशाक में दिखाया गया है। दोनों पार्टियों ने राज्यपाल पर आरोप लगाया है कि वह तमिलनाडु के इस सांस्कृतिक प्रतीक को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।
दरअसल, थिरुवल्लुवर की यह तस्वीर विवाद का कारण बन गई है क्योंकि तमिलनाडु में उन्हें पारंपरिक रूप से सफेद पोशाक में दिखाया जाता है, जो तटस्थता और समावेशिता का प्रतीक मानी जाती है। TVK और DMK नेताओं का कहना है कि राज्यपाल का यह कदम तमिलनाडु की सांस्कृतिक धरोहर और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों पर हमला है। DMK के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "थिरुवल्लुवर सभी तमिलों के हैं, और उनकी छवि को राजनीतिक फायदे के लिए बदलने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच प्रशासनिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर पहले से ही तनाव चल रहा है। DMK, जो तमिलनाडु में सत्तारूढ़ गठबंधन का नेतृत्व करती है, अक्सर राज्यपाल के साथ नीतिगत और प्रशासनिक मामलों पर टकराव में रही है।
यह घटना तमिलनाडु में सांस्कृतिक प्रतीकों की संवेदनशीलता को भी उजागर करती है। यहां राजनीतिक पार्टियां ऐतिहासिक और सांस्कृतिक हस्तियों जैसे थिरुवल्लुवर को क्षेत्रीय पहचान और गर्व के प्रतीक के रूप में देखती हैं। TVK और DMK ने इस मामले में राज्यपाल से तमिलनाडु के सांस्कृतिक प्रतीकों का सम्मान करने की अपील की है।