पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में TMC नेता शाहिदुल मियां पर सरकारी आवास योजना के नाम पर पैसे लेने का आरोप लगा है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान वे पलंग के नीचे छुप गए।
पुलिस ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में TMC नेता शाहिदुल मियां पर सरकारी आवास योजना के नाम पर पैसे लेने का आरोप लगा है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान वे पलंग के नीचे छुप गए।
पुलिस ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।

AI-generated illustration · NewsDarpan (GPT-Image-2)
पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के माथाभंगा इलाके में TMC नेता शाहिदुल मियां का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे पलंग के नीचे छुपे हुए नजर आ रहे हैं। आरोप है कि शाहिदुल ने सरकारी आवास योजना के तहत घर दिलाने के नाम पर लोगों से ₹5,000 से ₹20,000 तक की रकम वसूली थी। दावा किया जा रहा है कि इस तरह करीब ₹8 लाख जुटाए गए, लेकिन किसी को योजना का लाभ नहीं मिला।
बुधवार को जोरपारकी ग्राम पंचायत क्षेत्र के कई लोग उनके घर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। भीड़ बढ़ने पर शाहिदुल ने एक कमरे में जाकर पलंग के नीचे छुपने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले गई। इस घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। हालांकि, इनकी पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
इस मामले पर BJP ने भी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने वीडियो शेयर करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में 'कट मनी' के आरोपों के चलते ऐसे दृश्य सामने आ रहे हैं, जहां नेताओं को जनता से बचने के लिए छुपना पड़ रहा है।
दूसरी ओर, TMC की जिला इकाई ने इन आरोपों से दूरी बनाते हुए कहा कि पार्टी का ऐसे किसी अवैध वसूली से कोई लेना-देना नहीं है। अगर किसी ने व्यक्तिगत स्तर पर पैसे लिए हैं, तो उसकी जिम्मेदारी उसी की होगी।
राज्य सरकार ने हाल ही में 'कट मनी' और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए एक 'इंस्टीट्यूशनल कमीशन' का गठन किया है। इस आयोग की अध्यक्षता रिटायर्ड जस्टिस विश्वजीत बसु करेंगे। सरकार का कहना है कि अब लोग सीधे इस आयोग में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। Read full story for details.