टीएमसी को हाल ही में कई बड़े झटके लगे हैं।
बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी विपक्ष के नेता बने, अभिषेक बनर्जी को ईडी ने समन भेजा और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने इस्तीफा दिया।
टीएमसी को हाल ही में कई बड़े झटके लगे हैं।
बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी विपक्ष के नेता बने, अभिषेक बनर्जी को ईडी ने समन भेजा और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने इस्तीफा दिया।

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पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रही है। पार्टी को एक के बाद एक कई झटके लगे हैं, जिससे उसकी राजनीतिक स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा झटका तब लगा जब पार्टी के बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता (LoP) बना दिया गया। यह फैसला पार्टी के अंदरूनी असंतोष और बाहरी दबावों को और उजागर करता है।
इस बीच, टीएमसी के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने समन भेजा है। यह समन एक चल रही जांच से जुड़ा बताया जा रहा है, जिससे पार्टी पर राजनीतिक गर्मी और बढ़ गई है।
इसके अलावा, कोलकाता के मेयर और टीएमसी के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा पार्टी के नेतृत्व ढांचे के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है।
गौरतलब है कि ये घटनाक्रम ऐसे समय पर हो रहे हैं जब टीएमसी हाल ही में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खिलाफ बड़ी हार का सामना कर चुकी है। इन घटनाओं ने पार्टी की स्थिरता और राजनीतिक पकड़ पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
टीएमसी नेतृत्व ने इन घटनाओं पर अब तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है। राजनीतिक विश्लेषक और जनता इन घटनाओं पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। Read full story for details.