TMC ने संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित किया।
ममता बनर्जी ने BJP और पुलिस पर विधायकों को डराने-धमकाने का आरोप लगाया।
TMC ने संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित किया।
ममता बनर्जी ने BJP और पुलिस पर विधायकों को डराने-धमकाने का आरोप लगाया।

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पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने सोमवार को अपने दो विधायकों संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित कर दिया। इन विधायकों पर पार्टी के खिलाफ बयान देने और बैठकों से दूर रहने का आरोप है। इस बीच, TMC प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फेसबुक पर वीडियो मैसेज जारी कर भाजपा और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। ममता ने दावा किया कि पुलिस TMC विधायकों पर दबाव डाल रही है कि वे पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो जाएं। उन्होंने कहा कि कुछ विधायकों और सांसदों को डराने-धमकाने या रिश्वत देकर TMC को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
संदीपन साहा ने पार्टी से निकाले जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने TMC पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी में नैतिकता की बात करना ही एंटी-पार्टी गतिविधि माना जाता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे किसी अन्य पार्टी में शामिल होंगे, तो उन्होंने इसे खारिज कर दिया।
इस विवाद के बीच, दोनों निष्कासित विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को शिकायत देकर आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष शोभनदेब चट्टोपाध्याय के समर्थन में तैयार प्रस्ताव में उनके साइन फर्जी तरीके से दिखाए गए हैं। इस मामले में FIR दर्ज की गई और जांच CID को सौंप दी गई। CID ने TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी को नोटिस भेजकर जांच में शामिल होने और प्रस्ताव की ऑरिजिनल कॉपी पेश करने को कहा।
वहीं, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस मामले में भाजपा की भूमिका से इनकार किया। उन्होंने कहा कि CID नोटिस में भाजपा का कोई दखल नहीं है। TMC के भीतर टूट और पार्टी के नेताओं पर हमले की खबरों के बीच यह घटनाक्रम सामने आया है। TMC ने संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित किया। ममता बनर्जी ने BJP और पुलिस पर विधायकों को डराने-धमकाने का आरोप लगाया।