सार्थक सिद्धांत, 17 वर्षीय छात्र, ने CBSE के OSM सिस्टम पर सवाल उठाते हुए एक ब्लॉग लिखा, जिसने सोशल मीडिया पर बड़ी चर्चा छेड़ दी है।
उनके ब्लॉग ने CBSE की पारदर्शिता और निर्णय प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं।
सार्थक सिद्धांत, 17 वर्षीय छात्र, ने CBSE के OSM सिस्टम पर सवाल उठाते हुए एक ब्लॉग लिखा, जिसने सोशल मीडिया पर बड़ी चर्चा छेड़ दी है।
उनके ब्लॉग ने CBSE की पारदर्शिता और निर्णय प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं।

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CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत ने एक ब्लॉग लिखा है, जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। इस ब्लॉग का शीर्षक है ‘How CBSE rewrote rules to favour Coempt EduTeck’, जिसमें उन्होंने CBSE द्वारा नियमों में बदलाव कर Coempt EduTeck को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है। सार्थक ने अपने ब्लॉग में विस्तार से बताया कि कैसे इन बदलावों ने शिक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं।
सार्थक का यह ब्लॉग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर तेजी से वायरल हो रहा है। उनकी स्पष्ट और साहसिक शैली ने लोगों का ध्यान खींचा है। उन्होंने न केवल मुद्दे को उठाया है, बल्कि सोशल मीडिया पर पत्रकारों और अन्य यूजर्स के साथ अपनी चतुर प्रतिक्रियाओं से भी चर्चा बटोरी है। कई यूजर्स ने उन्हें X का 'नया चाड' कहकर सराहा है, जो आत्मविश्वास और बेबाकी का प्रतीक माना जाता है।
सार्थक के ब्लॉग ने CBSE की पारदर्शिता और निर्णय प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है, और लोग CBSE से जवाब मांग रहे हैं। हालांकि, इस मामले में अभी और जानकारी का इंतजार है। सार्थक की कोशिशों ने शिक्षा प्रणाली में सुधार और निष्पक्षता पर एक नई चर्चा को जन्म दिया है। उनकी पहल ने यह दिखाया है कि युवा भी बड़े मुद्दों पर प्रभाव डाल सकते हैं।
इस मामले में आगे क्या होगा, यह देखना बाकी है। लेकिन सार्थक सिद्धांत की आवाज ने शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर एक महत्वपूर्ण बहस शुरू कर दी है। Read full story for details.