एक हालिया सर्वे में 99% CEOs ने कहा कि अगले दो साल में AI के कारण नौकरियों में कटौती हो सकती है।
यह सर्वे AI के बढ़ते प्रभाव और रोजगार पर इसके असर को लेकर चिंता जताता है।
एक हालिया सर्वे में 99% CEOs ने कहा कि अगले दो साल में AI के कारण नौकरियों में कटौती हो सकती है।
यह सर्वे AI के बढ़ते प्रभाव और रोजगार पर इसके असर को लेकर चिंता जताता है।

AI-generated illustration · NewsDarpan (GPT-Image-2)
एक नए सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं, जिसमें 99% CEOs ने यह माना है कि आने वाले दो सालों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के चलते नौकरियों में कटौती हो सकती है। यह सर्वे AI टेक्नोलॉजी के बढ़ते प्रभाव और उद्योगों में इसके इस्तेमाल को लेकर किया गया है। Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, यह सर्वे यह दिखाता है कि AI अब कंपनियों की रणनीतिक योजना का अहम हिस्सा बनता जा रहा है।
सर्वे में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि कौन-कौन से उद्योग इस बदलाव से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे, लेकिन यह जरूर संकेत दिया गया कि ऑटोमेशन और AI का इस्तेमाल प्रक्रियाओं को सरल बनाने, दक्षता बढ़ाने और लागत घटाने के लिए किया जा रहा है। हालांकि, इस बदलाव के साथ ही यह सवाल भी उठता है कि कंपनियां नौकरी कटौती के चलते कर्मचारियों को कैसे पुनः प्रशिक्षित करेंगी और उन्हें नई भूमिकाओं के लिए तैयार करेंगी।
AI के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए, रोजगार पर इसके असर को लेकर नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं और कर्मचारियों के बीच चर्चा तेज हो गई है। यह सर्वे इस बात की याद दिलाता है कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ रोजगार के लिए संतुलित रणनीति बनाना भी जरूरी है।
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए Indian Express की वेबसाइट पर पूरी रिपोर्ट पढ़ी जा सकती है। Read full story for details.