SEBI ने राजेश एक्सपोर्ट्स और इसके प्रमोटर-चेयरमैन राजेश मेहता को ट्रेडिंग से बैन किया।
कंपनी पर 15 लाख करोड़ रुपये के राजस्व को फर्जी तरीके से दिखाने का आरोप लगाया गया है।
SEBI ने राजेश एक्सपोर्ट्स और इसके प्रमोटर-चेयरमैन राजेश मेहता को ट्रेडिंग से बैन किया।
कंपनी पर 15 लाख करोड़ रुपये के राजस्व को फर्जी तरीके से दिखाने का आरोप लगाया गया है।

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सोने और ज्वेलरी सेक्टर की प्रमुख कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स पर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। SEBI ने कंपनी और इसके प्रमोटर-चेयरमैन राजेश मेहता को ट्रेडिंग से बैन कर दिया है। SEBI का आरोप है कि कंपनी ने अपने ग्रुप स्तर पर जो राजस्व दिखाया, वह असल में उतना नहीं था जितना कि स्वतंत्र रूप से सत्यापित किया जा सकता था। इस मामले में 15 लाख करोड़ रुपये के राजस्व को फर्जी तरीके से दिखाने का आरोप लगाया गया है।
SEBI के अनुसार, कंपनी ने अपने वित्तीय आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया, जिससे निवेशकों और शेयरधारकों को गुमराह किया गया। इस घटनाक्रम ने कंपनी की वित्तीय पारदर्शिता और संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजेश एक्सपोर्ट्स, जो ज्वेलरी इंडस्ट्री में अपनी वैश्विक पहचान रखती है, अब जांच के दायरे में है।
SEBI की इस कार्रवाई का उद्देश्य वित्तीय बाजारों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। इस मामले में आगे की जांच जारी है और कंपनी व इसके नेतृत्व पर संभावित कानूनी कार्रवाई को लेकर अभी और जानकारी का इंतजार है।
इस घटनाक्रम का असर न केवल राजेश एक्सपोर्ट्स और इसके निवेशकों पर पड़ेगा, बल्कि पूरे ज्वेलरी सेक्टर में निवेशकों के भरोसे पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। SEBI की इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि वित्तीय अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियामकीय मानकों का पालन करना अनिवार्य है। Read full story for details.