NIA की जांच में पता चला कि पहलगाम आतंकी हमले के लिए आतंकियों ने पहले से तैयारी कर रखी थी।
उनके मोबाइल फोन में बायसरन घाटी की लोकेशन और स्क्रीनशॉट सेव थे।
फोन पाकिस्तान के पतों पर डिलीवर हुए थे।
NIA की जांच में पता चला कि पहलगाम आतंकी हमले के लिए आतंकियों ने पहले से तैयारी कर रखी थी।
उनके मोबाइल फोन में बायसरन घाटी की लोकेशन और स्क्रीनशॉट सेव थे।
फोन पाकिस्तान के पतों पर डिलीवर हुए थे।

AI-generated illustration · NewsDarpan (GPT-Image-2)
नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच में सामने आया है कि आतंकियों ने हमले से पहले बायसरन घाटी की रेकी की थी। उनके मोबाइल फोन में इस इलाके की लोकेशन और स्क्रीनशॉट पहले से सेव थे। फॉरेंसिक जांच में पता चला कि ये स्क्रीनशॉट 15 और 16 अप्रैल 2025 को लिए गए थे, जबकि हमला 22 अप्रैल को हुआ था। इस हमले में 26 टूरिस्ट्स की मौत हुई थी और 16 लोग घायल हुए थे। आतंकियों ने लोगों को उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाया था।
NIA की जांच में यह भी पता चला कि आतंकियों के इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन पाकिस्तान के कराची और लाहौर के पतों पर डिलीवर हुए थे। इन फोन की सप्लाई चेन रिकॉर्ड से पाकिस्तान का कनेक्शन साफ हुआ है। हमले का मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी साजिद जट्ट उर्फ लंगड़ा था, जो पाकिस्तान के लाहौर में रहता है। उसने आतंकियों को रियल टाइम डायरेक्शन देकर हमले को अंजाम दिलवाया।
इसके अलावा, NIA ने आतंकियों के पास से बरामद GoPro कैमरे की जांच की। यह कैमरा चीन के रास्ते लश्कर-ए-तैयबा तक पहुंचा था। जांच एजेंसी अब इस सप्लाई चेन का पता लगा रही है ताकि जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
सुरक्षा बलों ने 28 जुलाई 2025 को इस हमले में शामिल तीन आतंकियों को मार गिराया था। वहीं, साजिद जट्ट अभी भी फरार है और उस पर ₹10 लाख का इनाम रखा गया है। NIA ने 15 दिसंबर 2025 को इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें पाकिस्तान की भूमिका स्पष्ट रूप से सामने आई है। Read full story for details.