दक्षिण दिल्ली के मेहरौली में शनिवार को पांच मंजिला इमारत गिरने से छह लोगों की मौत हो गई।
हादसे में 'पार्वती आंटी' ने दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी।
दक्षिण दिल्ली के मेहरौली में शनिवार को पांच मंजिला इमारत गिरने से छह लोगों की मौत हो गई।
हादसे में 'पार्वती आंटी' ने दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी।

AI-generated illustration · NewsDarpan (GPT-Image-2)
दक्षिण दिल्ली के मेहरौली में शनिवार को हुए दर्दनाक हादसे में पांच मंजिला इमारत गिरने से छह लोगों की जान चली गई। इस हादसे में एक नाम ऐसा है जिसे इलाके के लोग कभी नहीं भूल पाएंगे—'पार्वती आंटी'। पार्वती आंटी, जो इलाके में एक कैंटीन चलाती थीं, अपनी ममता और दूसरों की मदद करने की भावना के लिए जानी जाती थीं। हादसे के दौरान उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों को बचाने की कोशिश की, लेकिन खुद इस हादसे का शिकार हो गईं।
बचाव अभियान के दौरान स्थानीय लोग और छात्र लगातार पूछते रहे, 'पार्वती आंटी मिल गईं क्या?' लेकिन जब उनके निधन की खबर आई, तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। कई लोगों की आंखें नम हो गईं। पार्वती आंटी को इलाके में 'मां' जैसा दर्जा मिला हुआ था, और उनकी इस बहादुरी ने सभी को गहराई से प्रभावित किया।
इस हादसे के कारणों की जांच जारी है और दोषियों का फैसला अदालत करेगी। लेकिन मेहरौली के लोगों के लिए पार्वती आंटी की कहानी किसी केस फाइल तक सीमित नहीं रहेगी। उनकी बहादुरी और दूसरों के लिए जीने की भावना हमेशा याद रखी जाएगी।
यह हादसा शहरी इलाकों में इमारतों की सुरक्षा और जिम्मेदारी पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल, पूरा इलाका इस दुखद घटना में खोए हुए लोगों को श्रद्धांजलि दे रहा है और पार्वती आंटी की वीरता को सलाम कर रहा है। Read full story for details.