मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार को 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा, जिसमें मराठा समुदाय के अधिकारों और कल्याण से जुड़ी मांगें शामिल हैं। यह फैसला उनके गांव में महाराष्ट्र के मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटिल और बीजेपी एमएलसी प्रसाद लाड के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया।
मनोज जरांगे पाटिल ने मांग की है कि मराठा समुदाय के लिए एक अलग मंत्रालय बनाया जाए, जो उनकी सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक स्थिति को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करे। उन्होंने कहा कि ऐसा मंत्रालय समुदाय की समस्याओं को हल करने में मदद करेगा। हालांकि, 12 सूत्रीय मांग पत्र की अन्य मांगों का विस्तार से खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि ये मराठा समुदाय की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं से जुड़ी हैं।
मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटिल ने आश्वासन दिया कि सरकार इन मांगों को गंभीरता से लेगी और संबंधित पक्षों के साथ विचार-विमर्श कर समाधान निकालेगी। बैठक को सकारात्मक बताया गया है और इसे मराठा समुदाय और राज्य सरकार के बीच संवाद का अहम कदम माना जा रहा है।
मनोज जरांगे पाटिल की भूख हड़ताल ने पूरे राज्य में ध्यान खींचा था और उनके समर्थन में बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। उनकी भूख हड़ताल खत्म करने के फैसले का स्वागत किया गया है। राजनीतिक नेताओं और समर्थकों ने उम्मीद जताई है कि सरकार उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई करेगी।