पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी और पुलिस पर TMC विधायकों को धमकाने और पार्टी छोड़ने का दबाव बनाने का आरोप लगाया।
पार्टी ने दो विधायकों को विरोधी गतिविधियों के चलते निष्कासित किया।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी और पुलिस पर TMC विधायकों को धमकाने और पार्टी छोड़ने का दबाव बनाने का आरोप लगाया।
पार्टी ने दो विधायकों को विरोधी गतिविधियों के चलते निष्कासित किया।

AI-generated illustration · NewsDarpan (GPT-Image-2)
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फेसबुक पर एक वीडियो संदेश जारी कर बीजेपी और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ममता ने दावा किया कि TMC विधायकों और सांसदों को धमकाकर, डराकर या रिश्वत देकर पार्टी छोड़ने और बीजेपी में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास TMC को कमजोर नहीं करेंगे, बल्कि पार्टी को और मजबूत बनाएंगे।
ममता ने यह भी कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं का समर्थन कर रहे हैं और इस संबंध में लगाए गए आरोप पूरी तरह से गलत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC कार्यकर्ताओं को विरोध प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है और पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की जा रही है।
इस बीच, TMC ने अपने दो विधायकों संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित कर दिया है। पार्टी का कहना है कि ये दोनों विधायक लगातार बैठकों से अनुपस्थित रहे और पार्टी के खिलाफ बयान देते रहे।
31 मई को ममता बनर्जी द्वारा बुलाई गई बैठक में केवल 20 विधायक पहुंचे, जबकि कुल 80 विधायकों को बुलाया गया था। TMC प्रवक्ता कुणाल घोष ने बताया कि 1 जून को राज्यभर में विरोध प्रदर्शन और 2 जून को कोलकाता में प्रतीकात्मक धरने की तैयारी के कारण विधायकों की व्यस्तता रही। यह धरना चुनाव बाद हिंसा और बुलडोजर के जरिए किए जा रहे बेदखली अभियानों के खिलाफ होगा।
TMC के भीतर मतभेद की अटकलें तेज हो गई हैं, लेकिन पार्टी नेताओं ने इन दावों को खारिज कर दिया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी और पुलिस पर TMC विधायकों को धमकाने और पार्टी छोड़ने का दबाव बनाने का आरोप लगाया। पार्टी ने दो विधायकों को विरोधी गतिविधियों के चलते निष्कासित किया।