लद्दाख प्रशासन ने नई एक्साइज पॉलिसी के तहत शराब की दुकानों की संख्या 2 से बढ़ाकर 20 करने का फैसला किया है।
इसका मकसद राजस्व बढ़ाना और नियमों को आसान बनाना है।
इस कदम से शराब वितरण में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
लद्दाख प्रशासन ने नई एक्साइज पॉलिसी के तहत शराब की दुकानों की संख्या 2 से बढ़ाकर 20 करने का फैसला किया है।
इसका मकसद राजस्व बढ़ाना और नियमों को आसान बनाना है।
इस कदम से शराब वितरण में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

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लद्दाख प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए नई एक्साइज पॉलिसी लागू की है, जिसके तहत शराब की दुकानों की संख्या 2 से बढ़ाकर 20 कर दी गई है। इस फैसले का मकसद राजस्व बढ़ाना और नियमों को सरल बनाना है। यह कदम शराब वितरण को लेकर प्रशासन की नीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
नई पॉलिसी के तहत शराब लाइसेंस हासिल करने की प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा और शराब को लद्दाख के दूर-दराज इलाकों में भी उपलब्ध कराया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस फैसले से न केवल केंद्र शासित प्रदेश के राजस्व में बढ़ोतरी होगी, बल्कि अवैध शराब बिक्री पर भी रोक लगेगी। अधिकृत दुकानों की संख्या बढ़ाने से इस सेक्टर में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
हालांकि, इस फैसले पर लोगों और हितधारकों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों ने इसे आर्थिक विकास और बेहतर नियमों की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है, तो वहीं कुछ ने इसके सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभावों को लेकर चिंता जताई है। आलोचकों का कहना है कि शराब की उपलब्धता बढ़ने से इसके सेवन और इससे जुड़ी समस्याओं में इजाफा हो सकता है।
लद्दाख प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि नई पॉलिसी को सख्त दिशानिर्देशों के साथ लागू किया जाएगा ताकि इसका दुरुपयोग न हो और यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा पहुंचाए बिना सामाजिक मूल्यों को प्रभावित न करे। नई एक्साइज पॉलिसी को आने वाले महीनों में लागू किया जाएगा।