कोझिकोड कॉरपोरेशन ने एक ऐप का समर्थन किया है जो रेस्तरां को बचा हुआ खाना बेचने में मदद करेगा।
इसका उद्देश्य फूड वेस्ट कम करना और मीथेन उत्सर्जन घटाना है।
कोझिकोड कॉरपोरेशन ने एक ऐप का समर्थन किया है जो रेस्तरां को बचा हुआ खाना बेचने में मदद करेगा।
इसका उद्देश्य फूड वेस्ट कम करना और मीथेन उत्सर्जन घटाना है।

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केरल के कोझिकोड में फूड वेस्ट को कम करने और पर्यावरण पर इसके प्रभाव को घटाने के लिए एक नई पहल की गई है। कोझिकोड कॉरपोरेशन ने एक ऐप का समर्थन किया है, जो रेस्तरां और खाने-पीने की जगहों को उनके बचा हुआ खाना बेचने में मदद करेगा। इस ऐप के जरिए बचा हुआ खाना लैंडफिल में जाने से बचाया जा सकेगा, जिससे मीथेन गैस के उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलेगी। मीथेन गैस जलवायु परिवर्तन में बड़ा योगदान देती है।
कोझिकोड कॉरपोरेशन ने इस ऐप को पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ प्रथाओं के साथ जोड़ते हुए इसकी सराहना की है। यह पहल शहरी क्षेत्रों में फूड वेस्ट मैनेजमेंट और पर्यावरणीय चिंताओं को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। ऐप के जरिए रेस्तरां और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा, जिससे बचा हुआ खाना फेंकने के बजाय उपयोग में लाया जा सकेगा।
हालांकि, इस ऐप के संचालन और इसे अपनाने की दरों को लेकर अभी ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है। लेकिन कोझिकोड कॉरपोरेशन जैसे नगर निकाय का समर्थन इस पहल की अहमियत को दर्शाता है। यह उम्मीद की जा रही है कि इस तरह की पहल अन्य क्षेत्रों में भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी और जिम्मेदार खाद्य खपत और वेस्ट रिडक्शन को बढ़ावा देगी।
इस ऐप के विकास, कार्यान्वयन और इसके प्रभाव से जुड़ी अधिक जानकारी आने वाले समय में सामने आ सकती है। यह पहल केरल में टिकाऊ समाधान की ओर बढ़ते कदमों को दर्शाती है।