सौर ऊर्जा क्षमता में भारत ने 2025 में अमेरिका को पीछे छोड़ा

भारत ने 2025 में 37 GW से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता जोड़ी, जबकि अमेरिका ने 34 GW। इस उपलब्धि ने भारत को वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया।

Quick answer

भारत ने 2025 में 37 GW से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता जोड़ी, जबकि अमेरिका ने 34 GW।

इस उपलब्धि ने भारत को वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया।

AI-generated illustration · NewsDarpan (GPT-Image-2)

AI-generated illustration · NewsDarpan (GPT-Image-2)

भारत ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। 2025 में, देश ने 37 गीगावाट (GW) से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता जोड़ी, जो अमेरिका के 34 GW के मुकाबले अधिक है। इस उपलब्धि के साथ भारत ने सौर ऊर्जा क्षमता जोड़ने के मामले में वैश्विक स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त कर लिया है। यह उपलब्धि भारत की नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों की ओर बढ़ने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, सौर ऊर्जा को बढ़ाने के लिए भारत सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इन प्रयासों का उद्देश्य जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना और पर्यावरण को सुरक्षित रखना है। 37 GW की यह वृद्धि भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा, बल्कि जलवायु परिवर्तन से निपटने और स्थायी विकास सुनिश्चित करने में भी योगदान देगा।

इस उपलब्धि ने भारत को अमेरिका से आगे कर दिया है, जो सौर ऊर्जा क्षमता जोड़ने में अब तीसरे स्थान पर है। यह भारत के लिए एक बड़ी सफलता है, क्योंकि यह दर्शाता है कि देश वैश्विक सौर ऊर्जा क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। हालांकि, रिपोर्ट में इस क्षेत्र में भारत के भविष्य की योजनाओं और अन्य विवरणों का उल्लेख नहीं किया गया है।

भारत की इस उपलब्धि ने यह भी दिखाया है कि देश नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। सरकार की नीतियां और योजनाएं इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे ये प्रयास न केवल ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करेंगे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने में भी मदद करेंगे।