IIM इंदौर क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की सफलता पर मल्टी-डिसिप्लिनरी स्टडी करेगा।
15 साल की उम्र में IPL 2026 में 72 छक्के मारकर रिकॉर्ड तोड़ने वाले वैभव के 'सक्सेस फॉर्मूला' को समझने की कोशिश होगी।
IIM इंदौर क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की सफलता पर मल्टी-डिसिप्लिनरी स्टडी करेगा।
15 साल की उम्र में IPL 2026 में 72 छक्के मारकर रिकॉर्ड तोड़ने वाले वैभव के 'सक्सेस फॉर्मूला' को समझने की कोशिश होगी।

AI-generated illustration · NewsDarpan (GPT-Image-2)
IIM इंदौर ने क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी पर एक खास स्टडी करने का ऐलान किया है। यह स्टडी 'वैभव मॉडल' के नाम से जानी जाएगी, जिसमें उनकी सफलता के पीछे के मानसिक, प्रबंधन और सामाजिक पहलुओं को समझने की कोशिश की जाएगी। राजस्थान रॉयल्स के ओपनर वैभव ने IPL 2026 में 72 छक्के मारकर क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। उन्होंने 16 पारियों में 237.30 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए, जिसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल हैं। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें 'ऑरेंज कैप', 'इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन' और 'सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन' जैसे कई अवॉर्ड मिले।
IIM इंदौर के डायरेक्टर हिमांशु रॉय ने बताया कि यह स्टडी वैभव की क्रिकेट यात्रा के साथ-साथ उनके मानसिक और पारिवारिक समर्थन, कोचिंग और प्रबंधन के योगदान को भी गहराई से समझेगी। उन्होंने कहा कि कम उम्र में मिली प्रसिद्धि, सोशल मीडिया का दबाव और करोड़ों की डील्स जैसी चुनौतियों का भी विश्लेषण किया जाएगा।
वैभव की बैटिंग तकनीक, जो उनके बचपन के कोच मनीष ओझा ने तैयार की और राजस्थान रॉयल्स के जुबिन भरूचा ने निखारी, उनकी सफलता का बड़ा कारण मानी जाती है। उनकी 0.3 सेकंड में निर्णय लेने की क्षमता ने गेंदबाजों को मुश्किल में डाल दिया है।
IIM इंदौर का यह प्रयास न केवल खेल बल्कि कॉर्पोरेट जगत के लिए भी एक नया 'टैलेंट मैनेजमेंट' मॉडल पेश कर सकता है। यह स्टडी भविष्य के मैनेजर्स और नीति-निर्माताओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।