गुल्लक के पांचवें सीजन में हंसी और भावनात्मक पलों की झलक तो है, लेकिन यह पिछले सीजन की तरह प्रभावशाली नहीं रहा।
शो ने दर्शकों पर मिला-जुला असर छोड़ा।
गुल्लक के पांचवें सीजन में हंसी और भावनात्मक पलों की झलक तो है, लेकिन यह पिछले सीजन की तरह प्रभावशाली नहीं रहा।
शो ने दर्शकों पर मिला-जुला असर छोड़ा।

AI-generated illustration · NewsDarpan (GPT-Image-2)
लोकप्रिय वेब सीरीज़ 'गुल्लक' का पांचवां सीजन दर्शकों के सामने आ चुका है। इस सीजन में भी एक मध्यमवर्गीय परिवार की रोजमर्रा की जिंदगी को दिखाने की कोशिश की गई है। हालांकि, 'गुल्लक' की पहचान उसकी सरलता और भावनात्मक गहराई से रही है, लेकिन इस बार शो उस स्तर पर पूरी तरह खरा नहीं उतर पाया।
इंडियन एक्सप्रेस की समीक्षा के अनुसार, सीजन 5 में हंसी और गर्मजोशी के पल जरूर हैं, लेकिन कहानी में कहीं-कहीं खिंचाव और असमानता महसूस होती है। यही वजह है कि दर्शकों को यह सीजन पिछले सीजन की तरह बांधने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाया।
शो की सबसे बड़ी ताकत हमेशा से इसका हास्य और भावनात्मक संतुलन रहा है। इस बार भी इन पहलुओं की झलक देखने को मिलती है, लेकिन इसे उतनी बारीकी से पेश नहीं किया गया, जितना पहले किया गया था।
जो दर्शक 'गुल्लक' के फैन हैं, उन्हें इस सीजन में कुछ अच्छे पल जरूर मिलेंगे। लेकिन अगर आप पिछले सीजन की उम्मीद लेकर इसे देख रहे हैं, तो आपको थोड़ा संयम रखना होगा। इंडियन एक्सप्रेस की समीक्षा ने शो की कमजोरियों और ताकतों को संतुलित तरीके से सामने रखा है, जिससे दर्शकों को इसे देखने से पहले अपनी उम्मीदें तय करने में मदद मिलेगी। Read full story for details.