Wipro की पूर्व महिला कर्मचारी ने कंपनी पर धर्मांतरण का दबाव और कार्यस्थल पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
महिला ने दावा किया कि उसे इस्लाम अपनाने और मुस्लिम व्यक्ति से संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया।
Wipro की पूर्व महिला कर्मचारी ने कंपनी पर धर्मांतरण का दबाव और कार्यस्थल पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
महिला ने दावा किया कि उसे इस्लाम अपनाने और मुस्लिम व्यक्ति से संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया।

AI-generated illustration · NewsDarpan (GPT-Image-2)
पुणे में Wipro टेक्नोलॉजीज की एक पूर्व महिला कर्मचारी ने कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि उसे कार्यस्थल पर धार्मिक उत्पीड़न और भेदभाव का सामना करना पड़ा। उसने आरोप लगाया कि एक महिला सहकर्मी ने बार-बार उस पर इस्लाम अपनाने और एक मुस्लिम व्यक्ति से संबंध बनाने का दबाव डाला। यह मामला हिंदू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामने आया।
महिला ने बताया कि वह Wipro की हिंजवाड़ी ऑफिस में काम करती थी। उसने दावा किया कि सहकर्मी उसकी निजी जिंदगी में दखल देती थी और उसे हिंदू धर्म छोड़ने के लिए कहती थी। सहकर्मी का कहना था कि ऐसा करने से उसकी जिंदगी बेहतर हो जाएगी और उसे विदेश में काम करने के मौके मिलेंगे। महिला ने आरोप लगाया कि उसने 10 महीने तक इस उत्पीड़न को सहा।
महिला ने बताया कि अगस्त 2025 में एक टीम मीटिंग के दौरान उसे इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया। उसे अपना पक्ष रखने का मौका भी नहीं दिया गया और इस्तीफा ले लिया गया। उसने यह मामला कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रखा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा, कंपनी की ओम्बड्स कमेटी में उसके खिलाफ ही शिकायत दर्ज कर दी गई।
इस मामले में महिला ने हिंजवाड़ी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही, उसने कंपनी को कानूनी नोटिस भेजकर ₹50 लाख का मुआवजा मांगा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि इससे पहले नासिक की एक मल्टीनेशनल IT कंपनी में भी धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के आरोप सामने आए थे। इन मामलों में भी पुलिस जांच जारी है। Read full story for details.