परंदूर एयरपोर्ट परियोजना के लिए जमीन देने वाले किसान परियोजना की प्रगति को लेकर चिंतित हैं।
वे बेहतर मुआवजे और नौकरी की गारंटी की मांग कर रहे हैं।
परंदूर एयरपोर्ट परियोजना के लिए जमीन देने वाले किसान परियोजना की प्रगति को लेकर चिंतित हैं।
वे बेहतर मुआवजे और नौकरी की गारंटी की मांग कर रहे हैं।

AI-generated illustration · NewsDarpan (GPT-Image-2)
तमिलनाडु के परंदूर में प्रस्तावित एयरपोर्ट परियोजना को लेकर जमीन देने वाले किसान गहरी चिंता में हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें अब तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह परियोजना आगे बढ़ेगी या नहीं। इस अनिश्चितता ने उनकी आजीविका और भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
किसानों ने अपनी जमीन के बदले मिले मुआवजे पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें उनकी जमीन के वास्तविक मूल्य के अनुरूप मुआवजा नहीं मिला है। कई किसानों का मानना है कि उनकी जमीन का जो मूल्य तय किया गया है, वह उनकी उम्मीदों से काफी कम है। इसके अलावा, वे परियोजना के तहत नौकरी की गारंटी की भी मांग कर रहे हैं, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
परंदूर एयरपोर्ट परियोजना को लेकर अभी तक कोई ठोस समयसीमा या प्रगति की जानकारी सामने नहीं आई है। इससे किसानों की चिंताएं और बढ़ गई हैं। प्रभावित समुदायों का कहना है कि बड़े पैमाने पर होने वाले ऐसे विकास कार्यों में उनकी भलाई और अधिकारों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
किसानों की मांग है कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले और मुआवजा व रोजगार के मुद्दों पर स्पष्टता प्रदान करे। उनका कहना है कि विकास कार्यों के साथ-साथ प्रभावित समुदायों के हितों का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। यह मामला दिखाता है कि विकास और प्रभावित समुदायों के हितों के बीच संतुलन बनाना कितना महत्वपूर्ण है।
सरकार और संबंधित अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे जल्द ही इस परियोजना पर स्थिति स्पष्ट करेंगे और किसानों की मांगों को ध्यान में रखते हुए उचित कदम उठाएंगे। Read full story for details.