पंचकुला पुलिस ने सेक्टर-2 मार्केट में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर 21 लोगों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों पर अमेरिकी नागरिकों को ठगने का आरोप है।
मौके से ₹11.30 लाख नकद, 19 कंप्यूटर, 3 लैपटॉप और अन्य उपकरण जब्त किए गए।
पंचकुला पुलिस ने सेक्टर-2 मार्केट में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर 21 लोगों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों पर अमेरिकी नागरिकों को ठगने का आरोप है।
मौके से ₹11.30 लाख नकद, 19 कंप्यूटर, 3 लैपटॉप और अन्य उपकरण जब्त किए गए।

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हरियाणा के पंचकुला में पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश किया है। सेक्टर-2 मार्केट में चल रहे इस फर्जी कॉल सेंटर पर सोमवार देर रात छापा मारा गया, जो मंगलवार सुबह 6 बजे तक चला। इस कार्रवाई में 21 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से चार को मुख्य आरोपी बताया गया है।
पुलिस ने मौके से ₹11.30 लाख नकद, 19 कंप्यूटर, 3 लैपटॉप, 16 मोबाइल फोन, 3 वॉकी-टॉकी, 2 वाई-फाई राउटर, एक नोट गिनने की मशीन, 3 पीओएस मशीन और सोने के गहने जब्त किए हैं। यह कॉल सेंटर 'अल्फा इवेंट कंपनी' के नाम से चलाया जा रहा था।
आरोप है कि यह गिरोह खुद को अमेज़न कस्टमर केयर अधिकारी बताकर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाता था। कॉल सेंटर अमेरिकी समयानुसार शाम 7 बजे से रात 3 बजे तक संचालित होता था। यहां काम करने वाले कर्मचारियों को 20,000 से 25,000 रुपये मासिक वेतन दिया जाता था और उन्हें एक हफ्ते से 10 दिन की ट्रेनिंग दी जाती थी ताकि वे विदेशी नागरिकों से आसानी से बात कर सकें।
पुलिस जांच में पता चला है कि इस रैकेट को नवदीप, अक्षय टिक्कू, रज़ा और अंकुर कपूर जैसे लोग चला रहे थे। अंकुर कपूर रोड सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (RSO) का सदस्य है और उसने रोड सेफ्टी के नाम पर कई कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी बुलाया जाता था। इस वजह से उस पर किसी को शक नहीं हुआ।
पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर ली है। पंचकुला पुलिस कमिश्नर पंकज नैना ने कहा कि यह एक बड़ा साइबर फ्रॉड रैकेट है और आगे की जांच में और भी खुलासे हो सकते हैं। Read full story for details.