DRDO ने वायुसेना के Su-30MKI फाइटर जेट से रुद्रम-2 एंटी-रेडिएशन मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
यह मिसाइल दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट करने में सक्षम है।
DRDO ने वायुसेना के Su-30MKI फाइटर जेट से रुद्रम-2 एंटी-रेडिएशन मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
यह मिसाइल दुश्मन के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट करने में सक्षम है।

AI-generated illustration · NewsDarpan (GPT-Image-2)
डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) ने मंगलवार को रुद्रम-2 एंटी-रेडिएशन मिसाइल का सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण भारतीय वायुसेना के Su-30MKI फाइटर जेट से किया गया। रुद्रम-2 मिसाइल 300 किलोमीटर तक की रेंज में दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, कम्युनिकेशन नेटवर्क और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी उपकरणों को नष्ट करने में सक्षम है।
रुद्रम-2 की खासियत यह है कि यह दुश्मन के रडार बंद होने पर भी उसे खोजकर खत्म कर सकती है। इसमें इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (INS) और सैटेलाइट नेविगेशन (SATNAV) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो मिसाइल को टारगेट की अंतिम ज्ञात स्थिति तक पहुंचने में मदद करती है। इसका मतलब है कि दुश्मन केवल रडार बंद करके इस मिसाइल से बच नहीं सकता।
सैन्य भाषा में ऐसे अभियानों को SEAD (सप्रेशन ऑफ एनिमी एयर डिफेंस) कहा जाता है। इसका उद्देश्य दुश्मन की हवाई सुरक्षा को कमजोर करना है, ताकि भारतीय फाइटर जेट्स के लिए हमला करना आसान और सुरक्षित हो सके।
एंटी-रेडिएशन मिसाइलें दुश्मन के रडार और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से निकलने वाले सिग्नलों को पकड़कर उन्हें नष्ट करती हैं। यह मिसाइल दुश्मन की एयर डिफेंस प्रणाली के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है, क्योंकि रडार नष्ट होते ही दुश्मन की निगरानी और चेतावनी देने की क्षमता कमजोर हो जाती है।
रुद्रम-2 का सफल परीक्षण भारत की रक्षा क्षमताओं में एक बड़ा कदम है और यह स्वदेशी तकनीक की ताकत को दर्शाता है। Read full story for details.