न्यायिक फैसलों में AI का इस्तेमाल प्रतिबंधित: सुप्रीम कोर्ट के मसौदा नियम

सुप्रीम कोर्ट के नए मसौदा नियमों में AI को केवल सहायक भूमिका तक सीमित रखने और मानव निर्णय व न्यायिक अधिकार के अधीन रखने की बात कही गई है।

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सुप्रीम कोर्ट के नए मसौदा नियमों में AI को केवल सहायक भूमिका तक सीमित रखने और मानव निर्णय व न्यायिक अधिकार के अधीन रखने की बात कही गई है।

AI-generated illustration · NewsDarpan (GPT-Image-2)

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सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक प्रक्रियाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को लेकर नए मसौदा नियम जारी किए हैं। इन नियमों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि AI का उपयोग न्यायिक फैसले लेने या गवाहों की प्रोफाइलिंग के लिए नहीं किया जा सकता। मसौदा नियमों के अनुसार, AI सिस्टम केवल सहायक भूमिका में काम करेंगे और मानव निर्णय व न्यायिक अधिकार के अधीन रहेंगे।

इन नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि AI तकनीक का उपयोग केवल न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी और सहायक बनाने के लिए हो, न कि मानव निर्णय को प्रतिस्थापित करने या कमजोर करने के लिए। मसौदा नियम न्यायिक प्रक्रियाओं की निष्पक्षता और जवाबदेही बनाए रखने पर जोर देते हैं।

AI के उपयोग को लेकर बढ़ती नैतिक और कानूनी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने यह कदम उठाया है। इन नियमों के तहत, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि AI सिस्टम न्यायिक प्रक्रिया में केवल सहायक भूमिका निभाएं और मानव निर्णय को सर्वोपरि रखा जाए।

हालांकि, इन नियमों के कार्यान्वयन और इसमें शामिल तकनीकों के बारे में अभी और जानकारी आना बाकी है। यह मसौदा भारत की न्यायिक प्रणाली में AI को शामिल करने के प्रति एक सतर्क दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें मानव निगरानी को प्राथमिकता दी गई है। Read full story for details.