ChatGPT ने चार्ली किर्क के जीवित होने का दावा किया, जो सितंबर 2025 में उनकी कथित हत्या की खबरों से उलट है।
एलन मस्क, जिन्होंने पहले किर्क की मौत पर दुख जताया था, ने इस पर प्रतिक्रिया दी।
इस घटना ने AI की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ChatGPT ने चार्ली किर्क के जीवित होने का दावा किया, जो सितंबर 2025 में उनकी कथित हत्या की खबरों से उलट है।
एलन मस्क, जिन्होंने पहले किर्क की मौत पर दुख जताया था, ने इस पर प्रतिक्रिया दी।
इस घटना ने AI की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

AI-generated illustration · NewsDarpan (GPT-Image-2)
ChatGPT द्वारा चार्ली किर्क की हत्या को लेकर दी गई जानकारी ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। AI टूल ने दावा किया कि चार्ली किर्क जीवित हैं, जबकि सितंबर 2025 में यूटा में एक इवेंट के दौरान उनकी कथित हत्या की खबरें काफी चर्चा में थीं। इस विरोधाभासी बयान ने AI द्वारा दी जाने वाली जानकारी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एलन मस्क, जिन्होंने पहले किर्क की कथित हत्या पर दुख और हैरानी जताई थी, ने ChatGPT के इस दावे पर प्रतिक्रिया दी है। मस्क की प्रतिक्रिया ने AI सिस्टम्स की सटीकता और समय पर अपडेट होने की क्षमता को लेकर चिंता को और बढ़ा दिया है। खासकर जब बात संवेदनशील मुद्दों की हो, तो ऐसे मामलों में AI की गलतियां गंभीर परिणाम दे सकती हैं।
यह विवाद ChatGPT के पुराने डेटा पर निर्भर होने से पैदा हुआ है, जो किर्क की कथित हत्या की खबरों को सही तरीके से दर्शाने में विफल रहा। चार्ली किर्क की मौत ने जनता और राजनीति में काफी हलचल मचाई थी, ऐसे में AI का यह दावा लोगों को चौंकाने वाला है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी गलतियां AI टेक्नोलॉजी पर भरोसे को कमजोर कर सकती हैं। इस घटना ने यह सवाल खड़ा किया है कि क्या AI टूल्स को नियमित रूप से अपडेट और सत्यापित करना जरूरी है। चार्ली किर्क की हत्या और ChatGPT की प्रतिक्रिया पर चल रही बहस यह दिखाती है कि सार्वजनिक संवाद में AI को शामिल करने के साथ कई चुनौतियां जुड़ी हुई हैं।