केंद्र सरकार ने ब्लूमबर्ग की उस रिपोर्ट को 'फर्जी' करार दिया है जिसमें यह दावा किया गया था कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए सोना बेचा है। सरकार ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि आंकड़े इस रिपोर्ट के विपरीत हैं।
सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने का हिस्सा सितंबर 2025 में 13.92% था, जो 22 मई 2026 तक बढ़कर 16.85% हो गया है। यह साफ तौर पर दिखाता है कि सोने की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी हुई है, न कि गिरावट।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि वैश्विक आर्थिक दबाव और ईरान युद्ध जैसी परिस्थितियों के चलते RBI ने यह कदम उठाया। हालांकि, सरकार ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार और उसमें सोने की हिस्सेदारी के आंकड़े इस रिपोर्ट को गलत साबित करते हैं।
सरकार ने यह भी कहा कि RBI विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन पारदर्शिता के साथ करता है और समय-समय पर इसके आंकड़े सार्वजनिक किए जाते हैं। इस स्पष्टीकरण का उद्देश्य निवेशकों और अन्य हितधारकों को भारत के विदेशी मुद्रा भंडार की स्थिरता और प्रबंधन को लेकर आश्वस्त करना है। Read full story for details.