CBSE का री-इवैल्युएशन पोर्टल साइबर अटैक के कारण देरी से लॉन्च हुआ।
पहले 29 मई को लॉन्च होना था, फिर 1 जून तक टला, और आखिरकार 2 जून को सुबह 4:30 बजे लाइव हुआ।
CBSE का री-इवैल्युएशन पोर्टल साइबर अटैक के कारण देरी से लॉन्च हुआ।
पहले 29 मई को लॉन्च होना था, फिर 1 जून तक टला, और आखिरकार 2 जून को सुबह 4:30 बजे लाइव हुआ।

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने जानकारी दी है कि उनके री-इवैल्युएशन पोर्टल पर साइबर अटैक हुआ, जिसकी वजह से इसे तय समय पर लॉन्च नहीं किया जा सका। यह पोर्टल छात्रों को परीक्षा परिणामों की दोबारा जांच के लिए आवेदन करने की सुविधा देता है। पहले इसे 29 मई को लॉन्च किया जाना था, लेकिन साइबर अटैक के कारण इसे 1 जून तक टाल दिया गया। हालांकि, 1 जून की समयसीमा भी पूरी नहीं हो सकी और अंततः यह पोर्टल 2 जून को सुबह करीब 4:30 बजे लाइव हुआ।
CBSE ने इस साइबर अटैक के बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है और न ही यह बताया है कि इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए। बोर्ड ने यह जरूर आश्वासन दिया है कि अब पोर्टल पूरी तरह से सुरक्षित और कार्यशील है।
री-इवैल्युएशन पोर्टल छात्रों के लिए एक अहम संसाधन है, जो उनके परीक्षा परिणामों में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करता है। CBSE ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे पोर्टल का उपयोग करें और दिए गए दिशानिर्देशों के अनुसार री-इवैल्युएशन के लिए आवेदन करें।
यह घटना दिखाती है कि शैक्षणिक संस्थानों और उनकी डिजिटल सेवाओं को साइबर सुरक्षा के बढ़ते खतरों से बचाने के लिए मजबूत उपायों की आवश्यकता है। Read full story for details.