CBSE के OSM टेंडर विवाद पर शिक्षा मंत्रालय ने बोर्ड से रिपोर्ट मांगी है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया से एक खास वेंडर को फायदा पहुंचाया गया।
वहीं, कांग्रेस की यूथ विंग ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है।
CBSE के OSM टेंडर विवाद पर शिक्षा मंत्रालय ने बोर्ड से रिपोर्ट मांगी है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया से एक खास वेंडर को फायदा पहुंचाया गया।
वहीं, कांग्रेस की यूथ विंग ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है।

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CBSE के OSM टेंडर विवाद ने तूल पकड़ लिया है। शिक्षा मंत्रालय ने बोर्ड से इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंत्रालय दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है। हालांकि, CBSE ने किसी भी गड़बड़ी से इनकार करते हुए कहा है कि टेंडर सामान्य वित्तीय नियमों (GFR) और सरकारी खरीद प्रक्रियाओं के तहत दिया गया था। यह टेंडर 5 दिसंबर को COEMPT Edu Tech को दिया गया था, जो तेलंगाना की एक कंपनी है। इस कंपनी पर पहले भी डेटा प्रोसेसिंग में गड़बड़ी के आरोप लग चुके हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर कर एक खास वेंडर को फायदा पहुंचाया गया। इसके साथ ही, CBSE का रीवैल्युएशन पोर्टल सोमवार को दिनभर बंद रहा, जिससे लाखों छात्रों को परेशानी हुई। बोर्ड ने मंगलवार को घोषणा की कि 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए पोर्टल अब लाइव हो गया है।
इस विवाद के बीच इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन तेज करने की योजना बनाई है। विरोध कार्यक्रमों में मशाल जुलूस, छात्र संपर्क अभियान और प्रदर्शन शामिल होंगे। हालांकि, इनकी तारीखों की घोषणा अभी नहीं की गई है।
विवाद में दो व्हिसल ब्लोअर भी सामने आए हैं। रांची के सार्थक सिद्धांत और दिल्ली के वेदांत श्रीवास्तव ने टेंडर और मूल्यांकन प्रक्रिया में गड़बड़ी का खुलासा किया। सार्थक ने CBSE के दस्तावेजों का गहन अध्ययन कर अनियमितताओं को उजागर किया, जबकि वेदांत ने अपनी फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका में गड़बड़ी का पता लगाया।
शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। Read full story for details.