केंद्र सरकार ने CBSE के चेयरमैन और सचिव को हटाने का बड़ा फैसला लिया है। यह कदम ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद उठाया गया है। छात्रों ने OSM प्रणाली में अनियमितताओं की शिकायत की थी, जिसके बाद सरकार ने टेंडर और खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक समिति गठित की है। इस विवाद के बीच CBSE के रि-इवैल्यूएशन पोर्टल पर मंगलवार को साइबर हमला हुआ। बोर्ड के अनुसार, सिर्फ 2 मिनट में 15 लाख बार पोर्टल तक पहुंचने की कोशिश की गई, और 1 लाख से ज्यादा बार बिना अनुमति फाइलों तक पहुंचने का प्रयास किया गया। हालांकि, इस हमले के बावजूद पोर्टल काम करता रहा और दोपहर 3 बजे तक 16,000 से ज्यादा छात्रों ने आवेदन जमा कर दिया। यह पोर्टल सोमवार को लॉन्च किया गया था। CBSE ने 13 मई को 12वीं कक्षा का रिजल्ट घोषित किया था। इस बार पहली बार OSM प्रणाली का उपयोग करके उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की गई थी। रिजल्ट के बाद कई छात्रों ने अपने मार्क्स को लेकर शिकायतें दर्ज कराई थीं, जिसके बाद मामले की जांच शुरू हुई। इस विवाद ने संसद की स्थायी समिति का भी ध्यान खींचा है। 12वीं के छात्र सार्थक सिद्धांत ने मंगलवार को समिति के सामने OSM प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने OSM प्रणाली में कम से कम 15 खामियां बताई हैं और समिति के सामने कुछ मुख्य बिंदुओं को साझा किया। उधर, शिक्षा मंत्रालय ने CBSE से OSM टेंडर प्रक्रिया पर रिपोर्ट मांगी है। COEMPT कंपनी को टेंडर देने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच और साइबर हमले के बीच यह मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। Read full story for details.