1906 में अमेरिका की एक लाइब्रेरी में लगी भीषण आग में 2 लाख किताबें जलकर राख हो गई थीं।
अब, 117 साल बाद, उनमें से एक किताब अचानक वापस लौटी है।
लाइब्रेरी मैनेजर माइल्स कूपर ने इसे हैरान करने वाला बताया, लेकिन किताब के लौटने का रहस्य अब भी अनसुलझा है।
1906 में अमेरिका की एक लाइब्रेरी में लगी भीषण आग में 2 लाख किताबें जलकर राख हो गई थीं।
अब, 117 साल बाद, उनमें से एक किताब अचानक वापस लौटी है।
लाइब्रेरी मैनेजर माइल्स कूपर ने इसे हैरान करने वाला बताया, लेकिन किताब के लौटने का रहस्य अब भी अनसुलझा है।

AI-generated illustration · NewsDarpan (GPT-Image-2)
1906 में अमेरिका की एक लाइब्रेरी में लगी भीषण आग ने करीब 2 लाख किताबों को जलाकर राख कर दिया था। इस घटना को 117 साल बीत चुके हैं, लेकिन अब एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। उस आग में खोई हुई एक किताब अचानक लाइब्रेरी में वापस लौट आई है। इस रहस्यमयी घटना ने लाइब्रेरी के स्टाफ और इतिहासकारों को हैरानी में डाल दिया है। किसी को नहीं पता कि यह किताब कैसे बची और इतने सालों बाद वापस कैसे आई।
लाइब्रेरी के मैनेजर माइल्स कूपर ने इस घटना पर अपनी हैरानी जाहिर करते हुए कहा, 'यह वाकई अविश्वसनीय है कि जो किताब हमें लगा था कि एक सदी पहले आग में खत्म हो गई, वह अब हमारे पास वापस आ गई है।' हालांकि, कूपर ने माना कि किताब के लौटने के पीछे की कहानी अब भी रहस्य बनी हुई है। न तो यह पता चला है कि इसे किसने लौटाया और न ही यह कि इतने सालों तक यह कहां थी।
1906 की वह आग लाइब्रेरी के इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदी थी, जिसने वहां की लाखों किताबों को खत्म कर दिया। अब इस एक किताब की वापसी ने साहित्य प्रेमियों और इतिहासकारों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है। फिलहाल, इस किताब को लाइब्रेरी के एक सुरक्षित हिस्से में रखा गया है, जहां इसे संरक्षित किया जा रहा है।
लाइब्रेरी ने इस अनोखी घटना को एक खास पल के रूप में मनाया है। यह घटना साहित्य और ज्ञान की ताकत और उसकी स्थायित्व का प्रतीक बन गई है। हालांकि, इस किताब के लौटने का रहस्य अभी भी बरकरार है।