A devastating fire at a five-storey hotel in Delhi's Malviya Nagar claimed 22 lives, including 11 foreigners.
The co-owner has been arrested amid allegations of safety violations.
A devastating fire at a five-storey hotel in Delhi's Malviya Nagar claimed 22 lives, including 11 foreigners.
The co-owner has been arrested amid allegations of safety violations.

AI-generated illustration · NewsDarpan (GPT-Image-2)
दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित फ्लरिश स्टे होटल में हुए भीषण अग्निकांड में 22 लोगों की जान चली गई, जिनमें 11 विदेशी और 11 भारतीय नागरिक शामिल हैं। इस हादसे में गुरुग्राम के चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक अग्रवाल के परिवार के 8 सदस्य भी मारे गए। पुलिस ने होटल के सह-मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि होटल के पास फायर NOC नहीं थी और इसे 'बेड एंड ब्रेकफास्ट' योजना के तहत केवल 6 कमरों की मंजूरी मिली थी, लेकिन होटल में 5 मंजिलों पर 25 से अधिक कमरे बनाए गए थे।
पुलिस के अनुसार, बजाज ने दावा किया कि होटल का संचालन और प्रबंधन अन्य लोगों के जिम्मे था। उसने यह भी कहा कि होटल में किए गए बदलाव बाहरी सलाह पर किए गए थे और उसे बताया गया था कि दिल्ली में ऐसा आम है।
आग ग्राउंड फ्लोर की सीढ़ियों के पास रखे सामान से शुरू हुई और कुछ ही मिनटों में पूरे होटल में धुआं फैल गया। होटल में खिड़कियां सील थीं और आने-जाने का केवल एक ही रास्ता था, जिससे लोग बाहर नहीं निकल सके। फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों ने मिलकर 58 लोगों को बचाया, जिनमें से 15 ICU में भर्ती हैं और 8 वेंटिलेटर पर हैं।
हादसे के दौरान होटल में LPG सिलेंडर भी पाए गए। स्थानीय लोगों ने खिड़कियां तोड़कर और गद्दे बिछाकर कई लोगों की जान बचाई।
इस घटना ने दिल्ली के होटलों में अग्नि सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर किया है। एक जनहित याचिका में दावा किया गया था कि दिल्ली के 1000 लाइसेंसी होटलों में से केवल 52 के पास फायर NOC है। अब अधिकारियों ने होटल के निर्माण और सुरक्षा मानकों की जांच शुरू कर दी है।