गंगा की बेटी को मछुआरे का सहारा, सरकार ने बढ़ाया हौसला

गंगा की बेटी को मछुआरे का सहारा, सरकार ने बढ़ाया हौसला

तौहीद अब्बासी

न्यूज़ दर्पण गाजीपुर

उत्तर प्रदेश सरकार ने मिशन शक्ति अभियान के तहत ना जाने कितने कार्यक्रम, न जाने कितनी गोष्ठियां व अभियान चलाये होंगे और बेटियों की रक्षा, उनके जीवन जीने का अधिकार समेत उनके सर्वांगीण विकास हेतु कई योजनाएं चलाई हैं परंतु आज भी समाज में बेटियों को जो दर्जा दिया जाना चाहिए वह उनसे कोसों दूर है।

उपरोक्त कथन को चरित्रार्थ करती गाजीपुर में गंगा में बहती एक मासूम जिंदगी की घटना ने आम जनमानस को झकझोर कर रख दिया है। मंगलवार को बक्से में बहती हुई 21 दिन की मासूम बच्ची की कहानी किसी परी कथा जैसी लगती है परंतु दूसरी ओर इसने समाज के एक अंधेरे पहलू को भी उजागर कर दिया है। अब ,जब इस घटना की चर्चा चारों और है तो प्रदेश सरकार भी एक्शन में आ गई है और बेटियों के समर्थन में माहौल बनाने के लिए गंगा में तैरते हुए लकड़ी के बॉक्स में बंद मिली बच्ची का खर्च सरकार द्वारा उठाने का एक अच्छा संदेश देने वाला निर्णय लिया है। इसके साथ साथ ही बच्ची को बचाने वाले मल्लाह को इनाम व प्रोत्साहन के रूप में यूपी सरकार की तरफ से एक नाव देने का निर्णय लिया और उसके घर की ओर जाने के लिए पक्की सड़क बनवाने की भी सहमति जताई है।गौरतलब है कि मंगलवार को ददरी घाट पर गंगा किनारे जलकुंभी में फंसे एक लकड़ी के बक्से से बच्चे के रोने की आवाज आई तभी मल्लाह गुल्लू का ध्यान उस ध्वनि पर गया जिसके बाद के घटनाक्रम ने जनमानस को झकझोर कर रख दिया क्योंकि बक्से में बंद मासूम एक बच्ची थी और निर्दयी जब कन्या भ्रूण हत्या नहीं कर पाए तो से जीते जी मार देने का घिनौना निर्णय लिया । मल्लाह ने बताया कि जब वह बक्से के नजदीक गया तो आवाज और तेज होने लगी जब पास जाकर देखा तो बक्से में एक बच्ची रो रही थी। इस दौरान मौके पर और लोग भी जुट गए। बच्ची के साथ बक्से में देवी-देवताओं के फोटो और एक जन्म कुंडली देखकर सभी मौजूद लोग आश्चर्य में पड़ गए बच्ची को गुल्लू अपने घर ले गए और पालन पोषण करने का इरादा जाहिर किया है। वहीं दूसरी ओर पुलिस को भी सूचना दी गई , शासन ने बाल संरक्षण के विभिन्न प्रावधानों से गुजरते हुए उसे आशा ज्योति केंद्र ले जाया गया है । समाचार लिखे जाने तक बच्ची सदर अस्पताल में अधिकारियों की देखरेख में भर्ती कराई गई है बच्ची अभी स्वस्थ है और विभिन्न आस्थावान परिवारों ने उसे शुभ मानकर गोद लेने की इच्छा जाहिर की है।

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