कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर की मौजूदगी के सियासी मायने

कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर की मौजूदगी के सियासी मायने

तौहीद अब्बासी

न्यूज़ दर्पण डेस्क रिव्यु

कासिमाबाद, गाजीपुर

गुरुवार दोपहर का समय ,हल्की बूंदाबांदी के बीच कासिमाबाद प्रथम मंडल अध्यक्ष के घर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ साथ अन्य जनप्रतिनिधियों ,ग्राम प्रधानों ,बीडीसी सदस्यों का जमावड़ा शुरू हो चुका था। सभी लोग प्रदेश सरकार के किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति के आवभगत में रोड पर नज़रें गड़ाए हुए थे। सभी लोग उस विशेष आगंतुक की स्थिति व लोकेशन जानने के लिए भाजपा नेता शिवप्रताप सिंह से बीच बीच में पूछ रहे थे जोकि इस आयोजन के अगुवा सरीखी भूमिका में थे। इस बीच गूंजते पुलिसिया सायरनों के बीच जहूराबाद को अपना दूसरा घर कहने वाले कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर का आगमन होता है। हालांकि ये आगमन कोई नई बात नहीं है मंत्रीजी प्रायः कासिमाबाद को अपना समय देते रहे हैं मगर ये आगमन अपने आप मे काफी विशिष्ट था और इसकी वजह है आगामी ब्लॉक प्रमुख का चुनाव व इसमें भाजपा मंडल अध्यक्ष संतोष गुप्ता की बतौर प्रत्याशी राजनीति की पिच पर चहलकदमी। उनके घर कैबिनेट मंत्री का जोरदार स्वागत ,कुछ मिनटों की आत्मीय चर्चा सियासत के पारे को गर्म करती जा रही थी। या यूं कहें तो एक बात साफ तौर पर दिख रही थी कि संतोष गुप्ता का ब्लाक प्रमुख के रण में कूदना और एक प्रबल दावेदार होने के पीछे कैबिनेट मंत्री का उत्साहवर्धन ही था। कैबिनेट मंत्री की मौजूदगी में संतोष गुप्ता व शिवप्रताप सिंह द्वारा अपने मजबूत खेमे को जनमानस के पटल पर लाने की एक सफल कोशिश की गई जिसके बाद सियासी हलकों में चर्चाएं परवान चढ़ने लगी हैं।इस बीच मंत्री ने नए चुने गए जनप्रतिनिधियों को गांव के विकास में अपना भरपूर योगदान देने का आह्वान किया साथ ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुणगान करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों को धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

जब जनप्रतिनिधियों द्वारा दागे गए भ्रष्टाचार संबंधित सवालों पर झेंपे मंत्री

इस बीच जनता द्वारा किए गए सवालों की झड़ी लग गई जिसमें अधिकतर सवाल कासिमाबाद क्षेत्र एवं जहुराबाद विधानसभा में लागू की जा रही विभिन्न सरकारी योजनाओं की कलई खोलने जैसा रहा ।लोगों ने मंत्री के समक्ष सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जिम्मेदार अधिकारियों की जमकर शिकायत की और उनके भ्रष्टाचार से भरे कारनामों की एक लंबी सीरीज प्रस्तुत की जिसको सुनकर मंत्री थोड़ा असहज दिखे और चिंता जाहिर की साथ ही आश्वासन भी दिया कि उचित कार्यवाही की जाएगी। लोगों के आरोपों की फेहरिस्त में निकटवर्ती एक थाने के थानेदार भी रहे। मजे की बात यह है कि जनता के आरोप प्रत्यारोप के उस दौर में तहसील स्तर के कई अधिकारी उपस्थित रहे। भोजन उपरांत पत्रकार वार्ता में मीडिया द्वारा कई मुद्दों को उठाया गया जिस पर कुछ मुद्दों पर मंत्री ठोस जवाब व आश्वासन दे पाए और कई बार जवाब देने से बचते नजर आए।

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